
अर्दली बाजार में इसरा का स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प
वाराणसी। अर्दली बाजार में इसरा के बैनर तले पूर्वी पूर्वांचल के जिलों से हज पर जाने वाले जायरीनों के लिए आयोजित स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प कार्यक्रम मौलाना अब्दुल हादी की सरपरस्ती में हुआ। हज के मुकद्दस सफर से पहले जायरीनों को हज के अरकान, गुस्ल, वुजू और जरूरी दुआओं की जानकारी दी गई। कैम्प में हाफिज मुबारक ने बताया कि हज के सफर से पहले पाक-साफ होकर गुस्ल और वुजू का सही तरीका जानना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गुस्ल के तीन फर्ज—कुल्ली करना, नाक में पानी डालना और सिर से लेकर पूरे शरीर पर इस तरह पानी बहाना कि बदन का कोई हिस्सा सूखा न रहे। वहीं वुजू में चेहरा धोना, कोहनियों समेत दोनों हाथ धोना, चौथाई सिर का मसह करना और टखनों समेत दोनों पैर धोना जरूरी है। मौलाना हसीन ने जायरीनों को तलबियाह “लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक…” याद कराते हुए बताया कि हज इस्लाम का पांचवां रूक्न है और इसके मसाइल सीखना हर मुसलमान के लिए जरूरी है। महिला ट्रेनिंग सत्र में हज्जिन सैयदा खानम, निकहत फातमा और समन खान ने महिलाओं को एहराम, परदे और हज की तैयारी से जुड़ी अहम जानकारी दी। हज्जिन अनम फातमा ने दुआएं, पैदल चलने की आदत, नमाजे जनाजा, जमात में नमाज और मोबाइल के उपयोग के बारे में बताया। इस अवसर पर मोहम्मद युनूस, शोहराब आलम, गुलाम रसूल, मोहम्मद युसूफ, मोहम्मद साजिद, हफीजुल्लाह, फिरोज अहमद, अब्दुल सलाम, मोहम्मद मुबारक, मोहम्मद अमीन, खुर्शीद सिद्दीकी, मोहम्मद हनीफ, चंदौली से अब्दुल बारी, इमरान, फिरोज अहमद, वहीदुल्लाह, अब्दुल हफीज तथा भदोही से मोहम्मद शेख शफीक और मोहम्मद निजामुद्दीन मौजूद रहे। महिलाओं में खलीकुन्न निशा, आसमां बेगम, साजिदा बेगम, नूरजहां, आसिया खातून, निकहत सुलताना, अंजूम, रूबीना बानो और नसरीन आदि थे। दूसरा स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प 5 अप्रैल को इसरा मुख्यालय अर्दली बाजार में आयोजित की जाएगी।
