
रिपोर्ट:- उपेन्द्र कुमार पांडेय
आज़मगढ़। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर आगामी 4 अप्रैल को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली शिक्षकों की विशाल रैली को सफल बनाने के लिए कमर कस ली गई है। इसी क्रम में सोमवार को शहर के होटल पार्क डिलाइट के सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में मुख्य अतिथि एवं पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष कृष्णानंद राय ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों पर जबरन थोपी गई टीईटी परीक्षा एक “काला कानून” है। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा: ”हमें सामूहिक रूप से इस परीक्षा का विरोध करना होगा। 4 अप्रैल को दिल्ली में भारी संख्या में एकत्रित होकर हम सरकार को यह स्पष्ट चेतावनी देंगे कि शिक्षक इस शोषणकारी व्यवस्था का आखिरी दम तक विरोध करेंगे।”
मांडलिक मंत्री अतुल कुमार सिंह ने बैठक में बताया कि देश के विभिन्न राज्यों के शिक्षक संगठन इस रैली में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक ब्लॉक से कम से कम 50 शिक्षक दिल्ली पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष अभिमन्यु यादव ने लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि जनपद आज़मगढ़ से 2000 शिक्षक नई दिल्ली जाएंगे। बैठक के दौरान ही सभी ब्लॉक अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों से दिल्ली जाने वाले शिक्षकों की सूची जिला कार्यसमिति को सौंप दी।
बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्य
समीक्षा बैठक में चंद्रभान यादव, आशुतोष सिंह, मधु सिंह, शालिनी राय, अरविंद तिवारी, सत्यप्रिय सिंह, दिनेश चंद्र पाण्डेय, रमाकांत यादव, योगेंद्र यादव, मधुकर पाठक, विनोद यादव, अनिल कुमार, मुकेश सिंह, सुरेंद्र यादव, बृजेश पाठक, हवलदार यादव, नारायण सिंह, विपिन प्रजापति, राजेन्द्र यादव, लालधारी यादव, संतोष सिंह, नवीन पाण्डेय, और अश्वनी सिंह सहित विभिन्न ब्लॉकों की कार्यसमिति व संघर्ष समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
