महापौर सोमवार से वार्डवार सुबह निरीक्षण करेंगे

 

​वाराणसी : जनहित के कार्यों में हीलाहवाली की शिकायतों को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने गंभीरता से लिया है ।

सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में शनिवार हुई नगर निगम के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान महापौर ने दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) में हो रही देरी और अवैध वसूली की शिकायतों को लेकर सख्त चेतावनी दी।

कहा कि जनहित के कार्यों में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि निर्धारित 45 दिनों के भीतर दाखिल-खारिज का निस्तारण नहीं हुआ, तो संबंधित पटल के कर्मचारी के विरुद्ध विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

​महापौर ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी (एनएसए ) सुरेंद्र कुमार चौधरी को कार्यप्रणाली सुधारने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है।

उन्होंने दो टूक कहा कि जनता को परेशान करने वाले अधिकारी और कर्मचारी अपनी कार्यशैली बदल लें, अन्यथा बाहर जाने को तैयार रहें साथ ही नियमित भ्रमण कर निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया गया।​

बैठक में दुकानों के सामने से किए गए अतिक्रमण को एक सप्ताह में हटाने का निर्देश दिया गया है । अन्यथा नगर निगम अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने के लिए बाध्य होगा और इस दौरान जुर्माना भी वसूला जाएगा ।

महापौर ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्ता दुरुस्त रखने का र्निर्देश दिया ताकि गर्मी में पेयजल का संकट न हो सके । समीक्षा में यह बात भी सामने आई कि नौ में से तीन ओवरहेड टैंक डिस्ट्रीब्यूशन लाइन न होने के कारण बेकार पड़े हैं। ठेकेदार द्वारा काम रोके जाने की बात पर महापौर ने गहरी नाराजगी जताते हुए जलकल के महाप्रबंधक से एक सप्ताह में कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया । अन्यथा जल निगम के अधिकारियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी । साथ ही सभी अवर अभियंताओं से जलभराव वाले क्षेत्रों की सूची तलब की गई है।

मानसून से पहले शहर को जलभराव से मुक्त करने के लिए महापौर ने छ्ह अप्रैल से नाला सफाई अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने नालों को ए, बी, सी श्रेणियों में बांटकर 15 जून से पहले सफाई पूर्ण करने को कहा। इसके अलावा अपर नगर आयुक्त को गौशालाओं में बेहतर साफ-सफाई, टीकाकरण और पौधारोपण के निर्देश दिए ताकि गोवंशों की मृत्यु दर शून्य रहे। पक्के महाल के शाही नाले और शहर के पुराने कुओं के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष बल दिया गया। महापौर ने पिछले दो वर्षों के दौरान लगाए गए 28 हजार पौधों की स्थिति, सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता, सीवर- पेयजल की स्थिति और सफाई व्यवस्था की जांच करने का निर्देश दिया ।

कहा कि सोमवार से वह स्वयं खुद फील्ड में उतरेंगे। सुबह 7. 30 बजे से ही वार्डवार निरीक्षण अभियान शुरू होगा।

बैठक के महापौर ने सकारात्मक ऊर्जा भरने का भी प्रयास किया । कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा और उन्हें परिवार सहित भ्रमण पर जाने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।

बैठक में पारदर्शी कार्यप्रणाली पर जोर देते हुए महापौर ने कहा कि सभी विभाग अपनी निविदा (टेंडर), कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की विस्तृत रिपोर्ट सौंपें। यदि किसी ठेकेदार ने गलत निविदा डाली है, तो उसमें संलिप्त विभागीय कर्मचारियों की जांच कर उन्हें दंडित किया जाए। कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए अब प्रतिदिन एक-एक विभाग की अलग से समीक्षा की जाएगी।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने राजस्व वसूली को लेकर अधिकारियों को सक्रिय किया। उन्होंने गृहकर, जलकर, लाइसेंस शुल्क, दुकानों के किराए की वसूली के लिए वित्तीय वर्ष 2026 27 में तत्काल ठोस कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है ताकि वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही लक्ष्य प्राप्ति की जा सके। बैठक में अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अमित कुमार, संगम लाल सहित जल निगम और जलकल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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