वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित योग साधना केन्द्र में कार्यपरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा द्वारा की गई, जिसमें विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं वैधानिक विषयों पर गंभीर एवं सारगर्भित विचार-विमर्श किया गया।

संस्कृत शास्त्रों के प्रसार-प्रचार को प्रोत्साहित करने तथा शैक्षणिक परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से कार्यपरिषद द्वारा विधिक प्रावधानों के अनुरूप विभिन्न संस्कृत महाविद्यालयों को नवीन मान्यता प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

बैठक का शुभारम्भ प्रो. अमित कुमार शुक्ल द्वारा वैदिक मंगलाचरण से हुआ, जिससे सम्पूर्ण कार्यक्रम को शास्त्रोक्त गरिमा प्राप्त हुई।

बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रशासनिक एवं शैक्षणिक विषयों पर विचार करते हुए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनसे विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।

नवीन मान्यता के अंतर्गत कार्य परिषद ने कई संस्कृत महाविद्यालयों को मान्यता प्रदान की, जिनमें सुधा सिंह स्मारक संस्कृत महाविद्यालय, कुंडा , प्रतापगढ़,श्री रामचन्द्र संस्कृत महाविद्यालय, देवचन्दपुर गाजीपुर,श्री जगन्नाथ वेद विद्यापीठ, आनंदपुर , तुलसीपुर, अमेठी,आचार्य रमाशंकर संस्कृत महाविद्यालय, गोपीपुर , जौनपुर,दुर्गावती संस्कृत महाविद्यालय, बदलापुर , जौनपुर,मां अनारी देवी संस्कृत महाविद्यालय, चांदपट्टी , आजमगढ़,पण्डित रमाकांत त्रिपाठी बालिका संस्कृत महाविद्यालय, हुलासगढ़, प्रतापगढ़, मां शीतला कुमार संस्कृत महाविद्यालय , सहमलपुर, सिंधोरा, वाराणसी,तथा श्री स्वामी रामप्रपन्नाचार्य रामानुज संस्कृत महाविद्यालय, वृंदावन,मथुरा प्रमुख हैं।

इसके अतिरिक्त सशर्त मान्यता पंडित जुग्गीलाल अरुण कुमार शिक्षा संस्थान, जयसिंहपुर, सुल्तानपुर,, श्री संकठा प्रसाद कमला देवी संस्कृत महाविद्यालय, मलसिल, जौनपुर ,श्री विश्वनाथ उपाध्याय संस्कृत महाविद्यालय, मनिहारी सलेमपुर, देवरिया, पण्डित शिव शरण कॉलेज ऑफ एजुकेशन डेरवा बाजार, प्रतापगढ़ एवं सर्वोदय संस्कृत शिक्षा निकेतन महाविद्यालय, चियासर , कन्नौज को आवश्यक अभिलेख/प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की शर्त पर मान्यता प्रदान की गई।

ज्ञातव्य हो कि कार्यपरिषद ने दिनांक 05 अप्रैल 2026 को सम्पन्न विद्यापरिषद के निर्णयों को भी अपनी स्वीकृति प्रदान की, जिससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ता प्राप्त होगी।

बैठक में कुलसचिव राकेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार, वित्त अधिकारी हरीशंकर मिश्र, प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल, प्रो. विधु द्विवेदी, प्रो. रमेश प्रसाद, प्रो. राजनाथ, प्रो. विद्या कुमारी चंद्रा, प्रो. अमित कुमार शुक्ल, डॉ. विशाखा शुक्ला, डॉ. दुर्गेश पाठक एवं डॉ. नितिन कुमार आर्य सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *