वल्लभ विद्यापीठ में गूंजा ध्रुव बेदी का सितार

छात्राओं को बताए शास्त्रीय संगीत के गुर

 

वाराणसी। संस्कृति विभाग, भातखंडे विश्वविद्यालय एवं स्पिक मैके की ओर से आयोजित शास्त्रीय संगीत यात्रा के अंतर्गत शुक्रवार को बिस्मिल्लाह खां पुरस्कार से सम्मानित युवा सितार वादक ध्रुव बेदी ने वल्लभ विद्यापीठ इंटरमीडिएट कॉलेज में अपनी मनमोहक प्रस्तुति से छात्राओं को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की बारीकियों से परिचित कराया। कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। ध्रुव बेदी ने सर्वप्रथम प्रातःकालीन राग अल्हैया की अवतारणा प्रस्तुत की। इसके बाद आलाप, जोड़, झाला एवं तीनताल में निबद्ध विलंबित एवं द्रुत बंदिशों की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर छात्राओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराइयों से अवगत कराया। जब सितार पर “श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी” एवं “रघुपति राघव राजाराम” की धुन गूंजी तो सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। तबले पर पंडित कुबेर नाथ मिश्र ने संगत कर प्रस्तुति को और भी प्रभावशाली बना दिया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने संगीत शिक्षा, वादन कला सीखने तथा संगीत के क्षेत्र में करियर निर्माण को लेकर कलाकार से विभिन्न प्रश्न भी पूछे, जिनका ध्रुव बेदी ने सरलता से उत्तर दिया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रबंधक संजय नागर ने कलाकारों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के पश्चात कलाकारों ने कालभैरव मंदिर पहुंचकर बाबा काल भैरव का दर्शन-पूजन किया तथा काशी के कोतवाल से आशीर्वाद प्राप्त किया।

 

कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्य मुक्ता पांडे ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि संचालन रजनी प्रभा वर्मा ने किया। इस अवसर पर स्पिक मैके की प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. शुभा सक्सेना, पवन सिंह, प्रवीन कुमार गोठी सहित विद्यालय की छात्राएं एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

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