
वाराणसी। समाजवादी पार्टी कार्यालय अर्दली बाजार में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती मनाई गयी। इस अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी में स्वतंत्रता आंदोलन एवं समाजवादी आंदोलन में इनके योगदान की चर्चा की गई। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक, पूर्व नेता विधायक दल मध्य प्रदेश डॉक्टर सुनीलम ने कहा कि जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था। “सम्पूर्ण क्रांति” से उनका तात्पर्य समाज के सबसे अधिक दबे-कुचले व्यक्ति को सत्ता के शिखर पर देखना है। सम्पूर्ण क्रांति में सात क्रांतियाँ शामिल हैं: राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक, शैक्षणिक व आध्यात्मिक क्रांति। इन सातों क्रांतियों को मिलाकर सम्पूर्ण क्रान्ति होती है। अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ ने कहा कि जयप्रकाश नारायण का मानना था कि जब तक प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में राष्ट्रवाद की भावना का विकास नहीं होगा तब तक देश का सर्वांगीण विकास नहीं हो सकता। भारत में सांस्कृतिक एकता होते हुए भी राजनीतिक एकता का अभाव है।
डॉ उमाशंकर सिंह यादव ने कहा कि जयप्रकाश नारायण कहा करते थे कि भ्रष्टाचार मिटाना, बेरोजगारी दूर करना, शिक्षा में क्रान्ति लाना आदि ऐसी चीजें हैं जो आज की व्यवस्था से पूरी नहीं हो सकतीं। क्योंकि वे इस व्यवस्था की ही उपज हैं। वे तभी पूरी हो सकती हैं जब सम्पूर्ण व्यवस्था बदल दी जाए और सम्पूर्ण व्यवस्था के परिवर्तन के लिए क्रान्ति 
जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू एडवोकेट ने कहा कि जयप्रकाश नारायण कहा करते थे कि राष्ट्रीय एकता के लिए यह आवश्यक है कि व्यक्ति धार्मिक अन्धविश्वासों से बाहर निकलकर अपने अन्दर एक बौद्धिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करें। संचालन डॉ. उमाशंकर सिंह यादव, धन्यवाद ज्ञापन जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू एडवोकेट ने किया। इस अवसर पर जिला महासचिव आनंद मौर्य, पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा, पूर्व प्रत्याशी कैंट विधानसभा पूजा यादव, डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी, पूर्व महानगर महासचिव जितेंद्र यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अखिलेश यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अनुसूचित जाति/जनजाति प्रकोष्ठ शिव प्रसाद गौतम, रामकुमार यादव, अरुण कुमार,विजय टाटा, काशीनाथ यादव, योगेंद्र कुमार, बंशल कुमार, धर्मवीर पटेल, अमेरिका मास्टर, राजू कुमार व विनोद शुक्ला ने विचार व्यक्त किये।
