
उत्तराखंड ।थावे विद्यापीठ हरिद्वार अधिवेशन एवं आचार्यकुल के केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक में थावे विद्यापीठ के कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक के अध्यक्षता में आचार्यकुल के पुनः नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य धर्मेन्द्र जी महाराज – पूर्व कुलपति – वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा, बिहार द्वारा कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक के विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय योगदान और निरंतर मानव हितार्थ सराहनीय योगदान को दृष्टिगत रखते हुए – आचार्यकुल गौरव सम्मान -2026 भेंट किया गया।
विशेष रूप से सम्मान समारोह में थावे हिन्दी विद्यापीठ के कुलाधिपति महामण्डलेश्वर स्वामी श्री हरिहरानंद जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में अंग वस्त्र भेंट करके सम्मानित किये।
प्रमुख संयोजन थावे विद्यापीठ के कुलसचिव डॉ. पी.एस. दयाल यति, संचालन डॉ. अरविन्द आनन्द, विशिष्ट अतिथि के रूप में थावे विद्यापीठ के प्रति कुलपति डॉ. जंगबहादुर पाण्डेय,उप कुलसचिव डॉ. अग्रवाल, दस्तक प्रभात पटना के प्रधान संपादक डॉ. प्रभात वर्मा सहित अनेकों गणमान्य लोग उपस्थित थे।
प्रख्यात शिक्षाविद्, अंतरराष्ट्रीय समाज सुधारक डॉ. विद्यासागर उपाध्याय – बलियां ने अपने सारगर्भित व्याख्यान से अधिवेशन में उपस्थित लोगों के अंतर्मन को झकझोरा।
उक्त दो दिवसीय आयोजन में उपस्थित डॉ. ओमप्रकाश द्विवेदी ओम्, डॉ. शिवेश्वरदत्त पाण्डेय, पूर्व प्राचार्य डॉ. रमेशचन्द्र द्विवेदी, डॉ. शिवनाथ सिंह शिव, डॉ. प्रमोद सारंग, डॉ. प्रभात कुमार वर्मा, डॉ. अभय श्रीवास्तव, डॉ .त्रिलोक चंद्र सेन, डॉ. राजेन्द्र तिवारी स्वदेश, डॉ. चिदानंद चिद्रूप, डॉ. विनोद कुमार वर्मा, डॉ. प्रमोद फगवाड़वी, डॉ. दीपा शर्मा उजाला, डॉ. मधु गोयल,लोकभजन गायिका वन्दना सूर्यवंशी सहित अनेकों विशिष्टजनों को भी सम्मानित किया गया।
अपने सम्मान से अभिभूत कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक ने कहा कि – “मानव से मानव का हो सच्चा भाईचारा,यही हो सोच और हर जन -जन को संदेश हमारा” का भाव सच्चे मन से मेरे मन में जागृत रहे। मैं समस्त मानव हितार्थ सदैव तत्पर रहूं।यही ईश्वर से प्रार्थना करता रहता हूं।

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