वाराणसी। प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट लमही की ओर से रविवार को प्रेमचंद स्मारक स्थल लमही में आयोजित सुनों मैं प्रेमचंद कहानी पाठ में प्रेमचंद की भाई के जीवन पर आधारित कहानी जुड़वाँ भाई का पाठ रंगकर्मी राहुल विश्वकर्मा ने किया। निदेशक राजीव गोंड ने कहा कि प्रेमचंद की कहानियों में साहित्य कला के सीमित प्रयोग की समर्थकता मिलती है। प्रेमचंद कला को वहीं तक स्वीकार करते थे जहां तक कि वह मनुष्य के लिए उपयोगी हो। इस अवसर पर संरक्षक प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव, राजीव श्रीवास्तव, आलोक शिवाजी, कहकशाँ नाज, दुर्गाप्रसाद, विवेक विश्वकर्मा, कैशलेश यादव, उत्कर्ष सिंह, अभिषेक सिंह, सुरेश चंद्र दूबे, राहुल यादव, देव बाबू, गोविन्द सिंह, मनोज विश्वकर्मा आदि थे।

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