
महाराष्ट्र नासिक के ठोल ताशा दल के प्रदर्शित कला को काशीवासी ने सराहा
श्रीगणेश जी को अर्पित किया गया चांदी का नकाशीदार मुकुट
रिपोर्ट वरिष्ठ संवाददाता, नज़र न्यूज नेटवर्क
वाराणसी। शेरवाली कोठी में मुम्बई के सुप्रसिद्ध लालबाग का राजा श्रीगणेश जी का रविवार को लक्सा स्थित लक्ष्मी कुण्ड में विधि विधान से विसर्जन हुआ।
विसर्जन से पूर्व श्रीगणेश जी महाराज को श्री काशी मराठा गणेश उत्सव समिति के वरिष्ठ संरक्षक माणिक राव पाटिल, संरक्षक सन्तोष पाटिल, सुहास पाटिल अध्यक्ष आनंद राव सूर्यवंशी महामंत्री अन्ना मोरे कोषाध्यक्ष हनुमान शिंदे व पदाधिकारियों ने अगले वर्ष पुनः आने का निमंत्रण दिया। इसी के साथ श्री काशी मराठा गणेश उत्सव समिति का पांच दिवसीय, 17 वां श्रीगणेश उत्सव समारोह सम्पन्न हुआ।

इससे पूर्व शेरवाली कोठी में श्री गणेश जी का मराठी पद्धति से विधि विधान से पूजा अर्चना किया गया। तत्पश्चात महाआरती किया गया। दोपहर में मुम्बई के सुप्रसिद्ध लालबाग का राजा की प्रतिमूर्ति श्रीगणेश जी को विभिन्न प्रकार के फूलों से सुसज्जित रथ पर विराजमान भक्तों ने कराया। समिति के अध्यक्ष आनंद राव सूर्यवंशी ने आरती उतारी।
महाराष्ट्र नासिक के 80 सदस्यीय गजपति ठोल ताशा दल विभिन्न विधाओं में ठोल ताशा बजाकर काशीवासी का मनमोह लिया।
शोभायात्रा में शामिल भक्तगण पारम्परिक वेशभूषा सफेद महाराष्ट्र टोपी लगाए गणपति बप्पा मोरया के उद्घोष करते भव्य शोभायात्रा में शामिल चल रहे थे। शोभायात्रा में महिलाएं भी शामिल रही।
शनिवार को सांयकाल महिलाओं ने श्रीगणेश जी को हल्दी कुमकुम अर्पित कर आपस में एक दूसरे को हल्दी कुमकुम लगाकर सदा सुहागिन होने का आशीर्वाद लिया।
तत्पश्चात विजय वाल्मीकि ग्रुप के सदस्यों ने मां अन्नपूर्णा, दुर्गा व अन्य स्वरुप धारण कर दर्शकों का दिल जीत लिया। दर्शकों ने तालियों की गुंज से स्वागत किया।
श्री काशी मराठा गणेश उत्सव समिति के सदस्य ने शनिवार लालबाग का राजा श्रीगणेश जी को नक्शीदार चांदी का मुकुट अर्पित किया।
ज्ञातव्य हो कि इसके पहले श्रीगणेश जी को चांदी का चक्र,गदा, भक्तगण ने श्री गणेश जी को अर्पित किया था।
मुख्य अतिथि पद्मश्री चंद्रशेखर सिंह जी ने छत्रपति शिवाजी महाराज सम्मान 2025 से विभूतियों को प्रमाण पत्र, अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह देकर कर सम्मानित किया।
*सम्मानित हुए विभूति*
*सम्मानित विभूतियों में सर्वश्री चंद्र शेखर सिंह, (समाजसेवा), चेतन उपाध्याय (समाज सेवा), प्रदीप नारायण डोगरे(शिक्षा) रजत पाठक (उद्योग सेवा), खुशी सिंह ( खेल सेवा), चंद्र शेखर अग्रवाल (कला सेवा), पं विशेश्वर शास्त्री (वैदिक सेवा), राजेंद्र दूबे (पत्रकारिता सेवा), विजयता सचदेवा (समाजसेवा), श्रीमती राधा सिंह (दिव्यांग सेवा) रहे।*
उक्त अवसर पर आयोजन में
आयोजन में सर्वश्री माणिक राव पाटिल,संतोष पाटिल,सुहास पाटिल, ताना जी पाटिल,हणमंत राव मोरे, चन्द्रशेखर शिंदे आनन्द राव सूर्यवंशी, अन्ना मोरे, हनुमान शिंदे, अजीत पाटिल, मूसा मूलानी (राजू), सोनू पाटिल, बजरंग शिन्दे, सुनील शिन्दे, रवि सेठ, विनोद जाधव, शुभम् पाटिल, वसन्त तामखड़े, सुभाष जगताप (पिन्टू) शंकर भगत, संतोष शिंदे, किशोर पाटिल, अक्षय माली, प्रकाश मिसाल, संतोष प्रकाश पाटिल, अशोक शिंदे, चक्रवर्ती विजय नावड ,डा कैलाश सिंह विकास,शेरावाली कोठी के प्रमुख सचि शाह मनोज कुमार सिंह (एडवोकेट), काशी के समाजसेवी, गणेश भक्त गण सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
