
वाराणसी। वसंत कन्या महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग एवं मनोविज्ञान क्लब मनस्विनी के संयुक्त तत्वावधान में “व्योम” कार्यक्रम का आयोजन मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता दिवस के अवसर पर किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रो॰ रचना श्रीवास्तव के प्रेरक संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे सुंदर और सार्थक आयोजनों को निरंतर करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने यह भी कहा कि हमें अपनी भावनाओं को साझा करते रहना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति अपने मानसिक संघर्षों से अकेले न जूझे।
मुख्य अतिथि प्रो॰ संजय गुप्ता, पूर्व विभागाध्यक्ष, मनोचिकित्सा विभाग, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, ने विद्यार्थियों के साथ अपनी प्रेरणादायक यात्रा साझा की। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के न्यूरोलॉजिकल आधार और स्वस्थ सामंजस्य (बवचपदह उमबींदपेउे) की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की तथा बताया कि लोगों को हमेशा प्रमाणित और योग्य विशेषज्ञों से ही सहायता लेनी चाहिए।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘मनस्विनी’ मासिक पत्रिका के तृतीय संस्करण का लोकार्पण रहा, जिसे मुख्य अतिथि, प्राचार्या तथा विभागाध्यक्षा डॉ॰ शुभ्रा सिन्हा द्वारा संयुक्त रूप से अनावृत किया गया। पत्रिका का सम्पादन एवं रूपांकन मनोविज्ञान विभाग के विद्यार्थियों द्वारा अत्यंत सुंदर ढंग से किया गया था।
इस अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य पर केंद्रित नुक्कड़ नाटक, रचनात्मक स्टॉल्स तथा 10 टीमों की भागीदारी वाला रोमांचक ट्रेजर हंट भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में डॉ॰ अंजू लता सिंह, डॉ॰ शशि प्रभा कश्यप, डॉ॰ आर॰ पी॰ सोनकर एवं आकांक्षा श्रीवास्तव सहित सभी शिक्षक गण उपस्थित रहे।
150 से अधिक विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में भाग लेकर जिज्ञासापूर्वक प्रश्न पूछे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष डॉ॰ शुभ्रा सिन्हा द्वारा किया गया।
