वसंत वाणी संसद 2025 का समापन 

 

वाराणसी।वसंत वाणी संसद 2025 का दूसरा दिवस अपने आप में निष्कर्ष और नीतिगत स्पष्टता का प्रतीक रहा। पहले दिन की बहसों की निरंतरता में आज प्रतिभागियों ने न केवल तर्क प्रस्तुत किए, बल्कि ठोस प्रस्तावों और समाधान की दिशा भी दिखाई।

चौथे समिति सत्र की कार्यवाही प्रारंभ करने से हुई। लोकसभा में प्रतिनिधियों ने पूर्व सत्रों की बहसों को आगे बढ़ाते हुए निर्णायक स्वरूप दिया। विषयों में विविधता, गहराई और समसामयिक दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से झलका। राहुल गांधी ने सत्तारूढ़ पार्टी पर परीक्षा में धांधली जैसे गंभीर आरोप लगाए कि कैसे जरूरी मुद्दों की अनदेखी की जा रही है और नागरिकों को गुमराह किया जा रहा है। सत्र का अंत प्रस्ताव के पक्ष और विपक्ष में मतदान से हुआ।

उत्तर प्रदेश विधान सभा में सपा और कांग्रेस के विधायकों ने माननीय मुख्यमंत्री को मीडिया साक्षात्कार में राहुल गांधी के लिए अपशब्द प्रयोग करने पर माफी मांगने का दबाव बनाया।

दूसरे दिन भी संयुक्त राष्ट्र की दोनों ही समितियों की बैठक शांतिपूर्ण और गरिमामय तरीके से आगे बढ़ी। मध्य-पूर्व और उत्तर अफ्रीका (मेना) क्षेत्र में मानवाधिकर समिति की मजबूत स्थिति भी देखने लायक रही।

पांचवें समिति सत्र में गंभीर विचार-विमर्श हुए — अनेक प्रतिनिधियों ने अपने प्रस्तावों को आंकड़ों, नीतिगत सन्दर्भों और संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर प्रस्तुत किया। मालदीव्स के प्रतिनिधि ने बांग्लादेश के प्रवासियों के पहचान के संकट का मुद्दा उठाया। यह सत्र बौद्धिक रूप से अत्यंत सशक्त रहा।

छठवां समिति सत्र आरंभ हुआ, जिसमें बहसें निर्णायक दिशा में अग्रसर हुईं और कई ठोस संकल्प प्रस्तावित हुए। प्रतिनिधियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गहराई को समझते हुए विपक्ष और पक्ष दोनों की भूमिकाएं सशक्त रूप से निभाईं।

समिति की औपचारिक कार्यवाही समाप्त हुई।

मुख्य अतिथि श्री अशोक तिवारी वाराणसी नगर महापौर ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “युवा केवल भविष्य नहीं, वर्तमान की धड़कन हैं। जब वे नीति और विचार में जागरूक होते हैं, तो लोकतंत्र का हृदय और भी प्राणवान बन जाता है।” महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ रचना श्रीवास्तव ने संयोजक समिति के हौसले और मेहनत की प्रशंसा की तथा उन्हें अपने जीवन में भी इसी लगन के साथ आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने वसंत वाणी संसद के पहले सत्र में शामिल होने वाले और उसे सफल बनाने वाले सभी प्रतिभागियों को साधुवाद प्रेषित किया। प्रबंधक श्रीमती उमा भट्टाचार्या ने मौजूद सभी लोगों को थियोसफिकल सोसायटी की विचारधारा को समाज की बहुमूल्य निधि बताया तथा सभी छात्रों को इसे आत्मसात करने एवं इसके मूल्यों पर चलने की बात कही।

निर्वाचन साक्षरता क्लब के नोडल अधिकारी व राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ आशीष कुमार सोनकर ने कहा कि लोकतांत्रिक भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए ऐसे अनेक लघु प्रयोग एवं कार्यशाला को आयोजित करने की आवश्यकता है जिससे युवा छात्रों में स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा, मूल्य एवं संस्कारों का बेहतर सृजन हो सके क्योंकि यही नव-मतदाता बन कर भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला को मज़बूत करने वाले स्तम्भ बनेंगे। इस अवसर पर सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधियों और उत्कृष्ट वक्ताओं को सम्मानित किया गया। मंच से व्यक्त हुए अनुभवों और भावनाओं ने यह प्रमाणित किया कि इस संसद का हर प्रतिभागी अब विचारशील नागरिकता की दिशा में एक कदम आगे बढ़ चुका है।

वसंत वाणी संसद 2025 का औपचारिक समापन हुआ। कार्यक्रम की सफलता का श्रेय सम्पूर्ण संयोजक समिति, शिक्षक गण, और विशेष रूप से प्रतिभागियों की अनुशासित सहभागिता को जाता है।

दो दिनों की यह यात्रा केवल संसदीय कार्यवाही का अनुकरण नहीं थी, बल्कि यह लोकतंत्र के उस जीवंत दर्शन का प्रत्यक्ष अनुभव थी जिसमें मतभेद भी संवाद के माध्यम से समाधान का मार्ग खोजते हैं।

वसंत वाणी संसद ने यह संदेश दिया कि जब युवाओं की वाणी नीति में परिवर्तित होती है, तब लोकतंत्र अपने सर्वश्रेष्ठ रूप में जीवित होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *