वाराणसी। प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट, लमही द्वारा संचालित सुनो मैं प्रेमचंद श्रृंखला के 1707वें दिवस पर इस बार प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी महातिर्थ का पाठ वरिष्ठ कवि डॉ. पुष्पेंद्र अस्थाना ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेमचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। संरक्षक प्रो. श्रद्धानंद ने कहा कि महातिर्थ धर्म के व्यापारिक स्वरूप पर तीखा व्यंग्य करती है और यह संदेश देती है कि ईश्वर की प्राप्ति कर्मकांडों से नहीं, बल्कि निष्कपट आचरण और मानव सेवा से संभव है। कार्यक्रम में संजय श्रीवास्तव, विपनेस सिंह, राजीव गोंड सहित कई साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। स्वागत विपनेस सिंह, संचालन आयुषी दूबे तथा धन्यवाद ज्ञापन मनोज विश्वकर्मा ने किया।

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