वाराणसी। शुक्रवार को श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से वार्ता करते हुए परमधर्माधिश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज ने क्षुब्ध होकर कहा कि गौमाता के प्राणों की रक्षा हेतु जितना यत्न भारत में हुआ अगर उतना प्रयास पाकिस्तान में भी होता तो वहां भी गौमाता के प्राणों की रक्षा सुनिश्चित कर उनको राष्ट्रमाता घोषित कर दिया जाता।लेकिन दुर्भाग्य कि भारत में खुद हिंदूवादी कहने वाली सरकार के कानों पर जूं तक नही रेंग रही है।आखिर गौमाता को राष्ट्र माता एवं राज्य माता घोषित कर उनके प्राणों की रक्षा करने में सरकार के समक्ष क्या कठिनाई है?क्या अब गौमांस के व्यापार से ही भारत के उदर की पूर्ति होगी।

श्रीशंकराचार्य जी ने कहा गौमाता की रक्षा एवं प्रतिष्ठा के लिए सरकार को स्वयं सज्ञान लेकर कानून बनाना चाहिए था।जब लोकतंत्र में हर जगह बहुमत से निर्णय होता है तो गौमाता की रक्षा के लिए इस देश का बहुमत बार बार निवेदन कर रहा है फिर भी बहुमत की अवज्ञा करने का क्या कारण है?भारत में सभी सनातनी चाहते हैं कि गौमाता राष्ट्रमाता घोषित हों लेकिन स्वतंत्रता के 78 वर्ष व्यतीत होने के बाद भी हिंदुओं की आवाज को अनसुनी किया जा रहा है।धिक्कार है सरकारों को जिन्होंने हिंदुओं के वोट लेकर हिंदुओं के साथ छल किया है।अब समय आ गया है कि सनातनी राजनीति का प्रारंभ कर अपने गौमाता के प्राणों एवं सनातनी मूल्यों की रक्षा करें।

पूर्व उद्घोषणा के अनुसार शंकराचार्य जी महाराज गविष्ठी यात्रा हेतु सांयकाल काशी से मां गंगा,व सिध्दि विनायक का पूजा अर्चना कर गोरखपुर हेतु प्रस्थान किया। 3 मई से गोरखपुर से गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा का शुभारंभ करेंगे।यह गविष्ठी यात्रा 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी।एक दिन में 5 विधानसभा क्षेत्र में यात्रा करेंगे ।

यात्रा के दौरान शंकराचार्य जी महाराज सनातनी जनता से संवाद स्थापित करके उनको गौरक्षार्थ श्रेष्ठ योगदान प्रदान करने हेतु प्रेरित करेंगे।

पत्रकारवार्ता के दौरान वैदिक गुरुकुलम के बच्चों सहित प्रमुख रूप से सर्वश्री~साध्वी पूर्णांबा दीदी,साध्वी शारदांबा दीदी,किशोर देव शास्त्री,संजय पाण्डेय,ब्रम्हचारी परमात्मानंद,विश्वनाथ मंदिर के महंत राजेंद्र तिवारी,शैलेन्द्र योगी, परमेश्वरदत शुक्ला,राजा सक्षम सिंह योगी,हजारी कीर्ति नारायण शुक्ला,सतीश अग्रहरि,रमाशंकर दीक्षित सहित भारी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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