वाराणसी।काशी के विश्व प्रसिद्ध भरत मिलाप के प्रवर्तक या सर्वप्रथम करने वाले यदुवंश में जन्मे यदुवंशी मेघ भगत के वंशज आज भी परंपरागत अपने कार्यों का निर्वहन करते आ रहे। भगवान को प्रसाद खिलाने से लेकर आरती करने से लेकर रथ पर बैठ कर ले जाने तक का परंपरा यदुवंशी निभाते हैं ।इसमें मुख्य भूमिका स्वर्गीय गोपी पहलवान के भाई ओमप्रकाश भी निभाते हैं जो भगवान को प्रसाद खिलाने का एवं आरती करने का कार्य करते हैं। इस अद्भुत क्षण को देखने के लिए काशी राजा परिवार प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं। यदुवंशी मेल भगत का जन्म काशी के कतुआपुरा इलाके में एक यदुवंशी परिवार में मेघ भगत हुआ था। मेघ भगत तुलसीदास जी के शिष्य रहे।

तुलसीदास जी का सपना था कि मैं काशी में भरत मिलाप का आयोजन करुं। तुलसीदास के आदेश अनुसार उनके शिष्य मेघ भगत ने इस भरत मिलाप का आयोजन किया।जय हो भगवान कृष्ण की जय हो भगवान राम की जय हो तुलसीदास महाराज जय हो मेघा भगत की।

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