वाराणसी। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में गुरुवार को राइफल क्लब सभागार में कृषक उत्पादक संगठन की जिला स्तरीय मानिटरिंग कमेटी की समीक्षा बैठक हुई। जिसमें मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल के अलावा जनपद के 25 कृषक उत्पादक संगठनों के डायरेक्टर, सीईओ, कृषि एवं संवर्गीय विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में उप कृषि निदेशक ए0के0 सिंह एवं जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह द्वारा कृषि विभाग, जिला उद्यान अधिकारी सुभाष कुमार के द्वारा उद्यान विभाग, सहायक निबंधक सहकारिता सोमी सिंह के द्वारा सहकारिता विभाग, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी अखिलेन्द्र मिश्रा, डी0डी0एम0 नाबार्ड अनुज कुमार सिंह के द्वारा बताया गया कि फार्मर प्राडूसर कम्पनी अपनी स्थापना की तारीख से 90 दिनों की अवधि के भीतर अपने बोर्ड ऑफ डारेक्टर का चयन कर लेना चाहिए। समस्त एफ0पी0ओ0 अपने-अपने फर्म का समय से आडिट अवश्य करा लें। एपिडा से डाॅ0 सी0बी0 सिंह द्वारा बताया गया है कि पैक हाडस में वर्तमान समय में 15 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। जिससे बिजली की कमी के कारण पैक हाउस पूर्ण रूप से कार्य नहीं कर पा रहा है। जिसे 25 केवीए किए जाने का सुझाव दिया गया। पैक हाउस में 5 से 6 लेबर की उपलब्धता की जाए। जिसका भुगतान मण्डी परिषद या एफ0पी0ओ0 के स्तर से कराया जाए तथा कृषि उत्पाद के गुणवत्ता टेस्टिंग का अभाव है।

जिलाधिकारी द्वारा उपरोक्त कार्य कराए जाने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सभी एफ0पी0ओ0 से अपेक्षा की गयी की मीटिंग हेतु सार्वजनिक स्थल को चिन्हित करके अवगत करायें, जहां पर सभी कृषक उत्पादन संगठन उपस्थित होकर अपने विचार-विमर्श करके अपनी-अपनी सेवाएं एक दूसरे को साझा कर सके। इस अवसर पर जया सीड प्रोड्यूसर कम्पनी ने सुझाव दिया कि हाईटेक नर्सरी के पौधे के दाम की समीक्षा की जाये और एफ0पी0ओ0 में आपसे में व्यवसायिक गतिविधियां हो और अपने प्रोडक्ट्स की जानकारी आपस में साझा करें, इससे एफ0पी0ओ0 की आय बढेगी। जिला कृषि अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री प्रणाम योजनान्तर्गत नैनों यूरिया एवं डी0ए0पी0 के प्रयोग हेतु प्रति एफ0पी0ओ0 अपने संगठन से 5-5 कृषको के नाम व्हाट्सप के माध्यम से उपलब्ध कराये, ताकि कृषकों को नैनों उवर्रका के प्रयोग का प्रदर्शन कराया जा सके। दुग्धशाला विकास अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि मुख्य मंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना अन्तर्गत गिर, साहीवाल, हरियाण एवं थारपारकर से निर्धारित मानक पर दुग्ध उत्पादन करने पर प्रति पशु मु0-10000.00 से 15000.00 तक की प्रोत्साहन धनराशि एवं प्रमाण पत्र दिया जाता है। बैठक में नमामी गंगे फार्मर प्रोड्यूसर के डायरेक्टर के0एन0 सिंह, एग्री बाजार सी0एस0सी0 इण्डिया फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी के डायरेक्टर पंकज सिंह एवं अन्य एफ0पी0ओ0 के डायरेक्टर के द्वारा किसानों को सुगमता पूर्वक उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्ेश्य से अनुरोध किया गया कि सहकारिता विभाग की समितियों के साथ उनका जो एम0ओ0यू0 किया जा रहा है, उसमें एफ0पी0ओ0 को भी इफको के उर्वरक एवम् अन्य उत्पादों के व्यवसाय का अधिकार दिया जाये। नेडा के अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजनान्तर्गत सी-1 घटक में 3 एच0, 5 एच0 एवं 7.5 एच0 तक के कनेक्शन का 90 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है तथा इससे उत्पादित होने वाली बिजली को ग्रिड के माध्यम से जोड़कर बिजली उत्पादन कर कृषक आत्म निर्भर बन सकेंगें।

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