वाराणसी । प्रेमचंद मार्गदर्शन केन्द्र ट्रस्ट लमही द्वारा आयोजित सुनो मैं प्रेमचंद आडियो प्रसारण के 993 दिन पूरा होने पर रविवार को प्रेमचंद स्मारक लमही में मुंशी प्रेमचंद की कहानी दो बैलो की कथा का पाठ जिला पुस्तकालयाध्यक्ष कंचन सिंह परिहार ने किया। प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव व वरिष्ठ साहित्यकार/ ट्रस्ट के संरक्षक डा. राम सुधार सिंह ने किया। डा.सिंह ने कहा कि यह कहानी आज जब की किसानी और बैल का सम्बन्ध खत्म हो गया है, ऐसे में यह कहानी और भी ज़रूरी है। यह अपने परिवेश को बखूबी दर्शाती है। इसमें एक तरफ मानव व पशु प्रेम है, पशुओं का मनोविज्ञान है, अनाथ बच्ची का स्नेहभाव है तो दूसरी और विद्रोह, संघर्ष और आज़ादी की शाश्वत कथा है। स्वागत निदेशक राजीव गोंड और संचालन मनोज कुमार विश्वकर्मा, धन्यवाद ज्ञापन राजेश श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर अजय कुमार अजय श्रीवास्तव, रामजी , देव बाबू, उदय, रोहित सुरेश चंद्र दूबे आदि थे।

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